बीजेपी प्रत्याशी चंद्रभानु पासवान ने मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के अजीत प्रसाद को 61540 हजार वोटों से हराकर बड़ी जीत दर्ज की है.
चंद्रभानु पासवान को 146141 , जबकि अजीत प्रसाद को 84601 वोट मिले.
यह जीत भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण रही, क्योंकि मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है. 1991 से अब तक सपा ने यहां छह बार जीत हासिल की है, जबकि भाजपा को सिर्फ दो बार ही सफलता मिली थी. इसके अलावा, बसपा के दो विधायक भी इस सीट से निर्वाचित हो चुके हैं. लोकसभा चुनाव में अयोध्या सीट पर करारी हार के बाद भाजपा के लिए यह उपचुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया था, जिसे चंद्रभानु पासवान ने बचा लिया. यह जीत इस सीट के चुनावी इतिहास में सबसे बड़ी जीत है.
चौंकाने वाली बात यह है कि सपा प्रत्याशी अपने ही बूथ से हार गए. आज वह और उनके सांसद पिता अवधेश प्रसाद घर से नहीं निकले. घर पर ही ANI से बातचीत में अवधेश प्रसाद ने कहा-भाजपा ने बेईमानी का रिकॉर्ड तोड़ दिया. उनके गुंडों ने बूथ कैप्चरिंग की.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा – ये झूठी जीत है, जिसका जश्न भाजपाई आंखों-में-आंखें डालकर नहीं मना पाएंगे. जिन अफसरों ने घपलेबाजी की, वो सजा पाएंगे. न कुदरत उन्हें बख्शेगी, न कानून.